Maharashtra Best Monsoon Treks Guide: अगर आप किसी अनुभवी ट्रेकर से पूछें कि ट्रेकिंग के कुछ सबसे यादगार पल कौनसे हैं, तो वे शायद झरने की गर्जना सुनने या किसी ठंडी बहती नदी में पैरों को डुबाने की बात ज़रूर करेंगे। जहाँ हिमालयी ट्रेक्स में यह सब करना मुश्किल या खतरनाक हो सकता है, वहीं पश्चिमी घाटों की सह्याद्रि रेंज में यह अनुभव एक ‘मस्ट डू’ बन जाता है।
हम पहले भी सह्याद्रि के कुछ बेहतरीन डे-ट्रेेक्स के बारे में लिख चुके हैं। लेकिन बरसात में सह्याद्रि की ट्रेकिंग का अनुभव बिल्कुल अलग होता है। जैसे ही बारिश की बूँदें इन पहाड़ों को छूती हैं, प्रकृति मानो नया जीवन ले लेती है। हर ओर हरियाली छा जाती है, रास्तों पर बहते झरने, पहाड़ों से गिरते जलप्रपात और बादलों से घिरे किले मानो जादू सा माहौल बना देते हैं।
अगर आप मुंबई या पुणे के पास एक वीकेंड ट्रेक की तलाश में हैं, तो यह लेख आपके लिए है। आइए जानते हैं महाराष्ट्र के 12 बेहतरीन मानसून ट्रेक्स के बारे में।
1. भीमाशंकर ट्रेक
भीमाशंकर ट्रेक पश्चिमी घाटों के सबसे लोकप्रिय ट्रेक्स में से एक है, खासकर मानसून के दौरान। यह ट्रेक भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सेंचुरी के दिल में ले जाता है। जंगलों के बीच आप पक्षियों, लंगूरों और चीतलों को देख सकते हैं। किस्मत अच्छी रही तो आपको ‘शेकरू’ यानी मालाबार जायंट स्क्विरल भी दिख सकती है।
यदि आप पहली बार ट्रेक पर जा रहे हैं तो शिडी घाट का कठिन रास्ता छोड़कर गणेश घाट वाला रास्ता लें।
कठिनाई स्तर: आसान से मध्यम (रूट पर निर्भर)
बेस कैंप: खांडस गाँव (कर्जत या नेरल स्टेशन से ऑटो या जीप उपलब्ध)
2. हरिश्चंद्रगड
अहमदनगर जिले में स्थित यह किला सह्याद्रि का सबसे प्रसिद्ध और चुनौतीपूर्ण ट्रेक्स में से एक है। बारिश के मौसम में नालीची वाट या तारामती घाट से चढ़ाई ना करें, पर खिरेश्वर या पाचनई रूट से यह ट्रेक मजेदार और सुरक्षित रहता है।
यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण है ‘कोकण कडा’ – एक खड़ी चट्टान, जो सांप के फन की तरह दिखती है।
कठिनाई स्तर: आसान, मध्यम या कठिन (रूट पर निर्भर)
बेस कैंप: खिरेश्वर (मालशेज घाट के बाद), या पाचनई गाँव
3. विसापुर और लोहगड किला
अगर आप शुरुआती ट्रेकर हैं तो यह ट्रेक आपके लिए बिल्कुल सही है। भुजे गाँव से शुरू होने वाले इस ट्रेक पर रास्ते में कई झरने और सुंदर दृश्य मिलते हैं। वापसी में भुजे की दूसरी शताब्दी की बौद्ध गुफाएं देखना न भूलें।
कठिनाई स्तर: आसान
बेस कैंप: भुजे गाँव (मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के पास)
4. तकमक किला
घने जंगलों के बीच स्थित यह किला आम ट्रेक्स की तुलना में थोड़ा कठिन है। रास्ते कम स्पष्ट हैं और अक्सर लोग रास्ता भटक जाते हैं, इसलिए स्थानीय गाइड के साथ जाना ज़रूरी है।
कठिनाई स्तर: मध्यम
बेस कैंप: साकवार गाँव (विरार से बस और टमटम से पहुँच सकते हैं)
5. कालसुबाई
5,400 फीट की ऊँचाई पर स्थित, यह महाराष्ट्र की सबसे ऊँची चोटी है। मानसून के दौरान आप बादलों में चलने जैसा अनुभव करते हैं। रास्ता अच्छी तरह से बना है और लोहे की सीढ़ियाँ भी लगी हैं जिससे ट्रेक आसान हो जाता है।
कठिनाई स्तर: मध्यम
बेस कैंप: बारी गाँव (कसारा स्टेशन से पर्सनल व्हीकल)
6. राजगड किला
राजगड को ‘किलों का राजा’ कहा जाता है। छत्रपति शिवाजी महाराज की राजधानी रह चुका यह किला स्थापत्य और इतिहास दोनों दृष्टि से बहुत ही खास है। मानसून में यह और भी सुंदर हो जाता है।
कठिनाई स्तर: आसान से मध्यम
बेस कैंप: गुंजवणे या पाली गाँव (रूट के अनुसार)
7. तोरणा किला
यह किला शिवाजी महाराज ने सबसे पहले जीता था। ट्रेक पर आपको झरनों, चट्टानों और धारों पर चलने का रोमांच मिलेगा। टॉप पर पहुँचने के बाद आपको आसपास के अन्य किलों का दृश्य दिखाई देगा।
कठिनाई स्तर: कठिन
बेस कैंप: वेल्हे गाँव (पुणे से सतारा जाने वाली बस से नरसापुर फाटा, फिर जीप)
8. नाणेघाट
यह एक प्राचीन व्यापार मार्ग है, जो जुनर को कल्याण से जोड़ता था। ‘नाणे’ का मतलब होता है सिक्का, और ‘घाट’ मतलब रास्ता। इस ट्रेक पर आप पुराने गुफाओं, शिलालेखों और जिवधन किले तक जा सकते हैं।
कठिनाई स्तर: मध्यम
बेस कैंप: वैशाखरे गाँव (कल्याण से मालशेज जाने वाली बसें उपलब्ध हैं)
9. देवकुंड जलप्रपात
भीरा डैम के पास जंगलों के बीच छिपा यह झरना अब ट्रेकर्स के बीच बहुत लोकप्रिय हो गया है। 80 फीट की ऊँचाई से गिरता पानी एक छोटे से कुंड में गिरता है।
कठिनाई स्तर: आसान से मध्यम
बेस कैंप: भीरा गाँव (पानवेल से पाली तक बस, फिर ऑटो)
10. प्रबलगड
पनवेल और माथेरान के बीच स्थित यह किला मानसून में आसान और सुंदर ट्रेक है। इसके पड़ोस में कालावंतिन दुर्ग है, जो हालांकि काफी रोमांचक है पर बरसात में उस पर चढ़ना खतरनाक हो सकता है।
कठिनाई स्तर: आसान
बेस कैंप: ठाकुरवाडी गाँव (पनवेल ST स्टैंड से बस)
11. हरिहर किला
नासिक जिले में स्थित यह किला अपनी सीधी चढ़ाई वाली सीढ़ियों के लिए प्रसिद्ध है। लगभग 80 डिग्री की चढ़ाई पर बने सीढ़ियों से चढ़ना साहसी और रोमांचक अनुभव होता है।
कठिनाई स्तर: मध्यम
बेस कैंप: कोटमवाडी गाँव
12. मानिकगड किला
मानिकगड एक पुराना और अब जर्जर हो चुका किला है जो एक समय में चेकपोस्ट के रूप में काम करता था। आज भी यहाँ से कर्नाला, प्रबलगड जैसे किलों के शानदार दृश्य दिखते हैं।
कठिनाई स्तर: आसान से मध्यम
बेस कैंप: खांडस गाँव (नेरल या कर्जत से जीप)